भारतीय भूमि पर सभ्यता की नींव मेहरगढ़ की करीब 300 आबादी ने 8000 BC में रखी।
मेहरगढ़ बलूचिस्तान के बोलन नदी के पास बसाया गया। नदी की बाढ़ से मिट्टी उपजाऊ थी, खेती और पशुपालन के लिए आदर्श जगह थी।
8000 BC से 6000 BC तक मेहरगढ़ के बाशिन्दों ने कृषि के जंगली बीजों और आक्रामक जनवारों को पालतू बनाने में कड़ी मेहनत की।
मेहरगढ़ की सभ्यता ने ही सिंधु घाटी सभ्यता को विस्तार दिया।
5000 BC तक योजनाबद्ध बस्तियां बनी। मेसोपोटामिया और सुमेरिया से व्यापार विकसित हुआ।
इसी आधार पर कहा जाता है बौद्ध दर्शन 8000 साल पुराना धर्म है। मेहरगढ़, हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, गुजरात से लेकर हरियाणा सब बौद्ध सभ्यता का अंग थे।
3000 BC में गंगा घाटी में शिकारी संग्रहकर्ता समुदाय रहते थे। भारत का रहने वाला बौद्ध सभ्यता का इतिहास अगली कड़ी में।
